सोची लिखने की आज फिर शुरुआत करूँ जंग पड़ी लेखनी को कोई सौगात दूँ, तो याद आ गई मुझ सोची लिखने की आज फिर शुरुआत करूँ जंग पड़ी लेखनी को कोई सौगात दूँ, तो...
आज ख़ुद को मैं ख़ुश नसीब मानती हूँ , कि औरों की तरह न कूड़े में फेंका गया मुझको आज ख़ुद को मैं ख़ुश नसीब मानती हूँ , कि औरों की तरह न कूड़े में फेंका गया मुझको
कूद रहीं अंधकूप में, पापा की परियां असहाय से देखते, मां -बाप खड़े हुए हैं। कूद रहीं अंधकूप में, पापा की परियां असहाय से देखते, मां -बाप खड़े हुए हैं।
हम यूँ रहते मस्त यहाँ जैसे नीलगगन में परियाँ करते हम एक-दूसरे से प्यार भरी शैतानियाँ हम यूँ रहते मस्त यहाँ जैसे नीलगगन में परियाँ करते हम एक-दूसरे से प्यार भरी ...
वो दोनों अच्छे दोस्त नर्सरी से साथ पढ़ते प्यार सगे भाई बहनों सा , जन्मदिन भी एक ही वो दोनों अच्छे दोस्त नर्सरी से साथ पढ़ते प्यार सगे भाई बहनों सा , जन्...
पापा मेरे सुपर हीरो जिन्होंने मेरा आगे बढ़ने का मार्ग बना दिया I पापा मेरे सुपर हीरो जिन्होंने मेरा आगे बढ़ने का मार्ग बना दिया I